वैदिक पंचांग 2026-2028दैनिक तिथि, नक्षत्र व राहुकाल100% मुफ़्त PDF

हिंदू पंचांग एवं कैलेंडर 2026 (अक्टूबर)

आश्विन - कार्तिक (विक्रम संवत 2083) · नई दिल्ली (IST) आधारित दृक् गणना · सभी व्रत, त्यौहार व दैनिक चौघड़िया मुहूर्त।

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दैनिक पंचांग: 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)

आश्विन मास · शुक्ल पक्ष · षष्ठी

राहुकाल: 10:41 AM - 12:07 PMअभिजित: 11:44 AM - 12:30 PM
नक्षत्रज्येष्ठा
योगशोभन
करणकौलव
सूर्योदय / सूर्यास्त06:23 AM / 05:51 PM
दिशाशूलपश्चिम (यात्रा वर्जित)
ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM - 05:35 AM

मासिक कैलेंडर ग्रिड · अक्टूबर 2026

(किसी भी तारीख पर क्लिक करके पूरा पंचांग देखें)
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वैदिक पंचांग एवं ज्योतिष शास्त्र · Vedic Hindu Panchang Guide

हिंदू पंचांग क्या है और इसका क्या महत्व है? (What is Hindu Panchang?)

सनातन धर्म में पंचांग केवल तिथियों और दिनों का कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह सूर्य और चंद्रमा की गति पर आधारित काल-गणना (Time Computation) का सबसे वैज्ञानिक और सूक्ष्म वैदिक माध्यम है। "पंचांग" शब्द का अर्थ है — पंच + अंग, यानी काल के पांच प्रमुख घटक। जब भी कोई नया काम, गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन, नामकरण, व्यापार शुभारंभ या धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है, तब पंचांग शुद्धि देखकर ही शुभ समय तय किया जाता है।

पंचांग के 5 प्रमुख अंग (The Five Limbs of Panchang)

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रतिदिन इन 5 तत्वों की स्थिति को जानना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है:

अंग #1
तिथि (Tithi)
Lunar Day
सूर्य और चंद्रमा के बीच 12 डिग्री के अंतर को एक तिथि कहते हैं। माह में दो पक्ष होते हैं—शुक्ल पक्ष व कृष्ण पक्ष।
अंग #2
वार (Vaar)
Solar Day
सप्ताह के सातों दिन (रविवार से शनिवार) जो नवग्रहों के अधिपति देवों से संचालित होते हैं।
अंग #3
नक्षत्र (Nakshatra)
Constellation
चंद्रमा 27 नक्षत्रों के चक्र में प्रतिदिन एक नक्षत्र का भोग करता है (अश्विनी से रेवती तक)।
अंग #4
योग (Yoga)
Luni-Solar Yoga
सूर्य और चंद्रमा के भोगांशों का योग। कुल 27 योग होते हैं (जैसे विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सिद्धि आदि)।
अंग #5
करण (Karana)
Half of Tithi
एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। एक माह में 60 करण होते हैं (बव, बालव, कौलव, विष्टि/भद्रा आदि)।

शुभ मुहूर्त एवं अशुभ समय का नियम (Auspicious Timings & Inauspicious Periods)

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अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat)

प्रतिदिन दोपहर के समय लगभग 48 मिनट का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है। यह भगवान श्री हरि विष्णु का प्रिय मुहूर्त है, जिसमें बिना किसी पंचांग दोष के सभी शुभ और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।

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राहुकाल (Rahukaal - अशुभ समय)

दिन के आठवें भाग को राहुकाल माना जाता है जो प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का होता है। इस दौरान कोई भी नया व्यवसाय, यात्रा, धन का लेनदेन या मांगलिक कार्य शुरू करना पूर्णतः वर्जित माना गया है।

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ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat)

सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पूर्व का समय ब्रह्म मुहूर्त होता है। यह समय ध्यान, योग, अध्ययन और ईश्वर आराधना के लिए संपूर्ण सृष्टि का सबसे सात्विक और ऊर्जावान काल है।

पंचांग एवं विवाह संबंधी अन्य मुफ़्त साधन (Related Free Vedic Tools)

पंचांग से जुड़े सामान्य प्रश्न (Panchang FAQs)

दैनिक पंचांग में तिथि की गणना कैसे होती है?▼

चंद्रमा जब सूर्य से 12 डिग्री आगे बढ़ता है, तो एक तिथि पूर्ण होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं (15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष)। सूर्योदय के समय जो तिथि उपस्थित होती है, उसे 'उदयातिथि' माना जाता है और व्रत-त्यौहार उदयातिथि अनुसार ही मनाए जाते हैं।

राहुकाल में कौन-से कार्य नहीं करने चाहिए?▼

राहुकाल में कोई भी नया कार्य शुरू करना, नए वाहन या संपत्ति का क्रय, विवाह की बात पक्की करना, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार और महत्वपूर्ण व्यावसायिक अनुबंध पर हस्ताक्षर करना वर्जित माना गया है। पहले से चल रहे नियमित कार्य किए जा सकते हैं।

क्या इस मासिक पंचांग का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?▼

हाँ, ऊपर दिए गए "माह पंचांग PDF" बटन से आप किसी भी महीने का संपूर्ण वॉल-कैलेंडर ग्रिड, व्रत-त्यौहारों की सूची और दैनिक शुभ मुहूर्त समय सारणी 100% मुफ़्त A4 हिंदी PDF में डाउनलोड कर सकते हैं।